Samachar Patra Essay

समाचार पत्र पूरे संसार भर की खबरों का संग्रह होता है, जो हमें विश्व में होने वाली सभी घटनाओं के बारे में जानकारी देता है। हमें नियमित रुप से अखबार पढ़ने की आदत डालनी चाहिए। यह बहुत ही अच्छी आदत है। आपको अपने बच्चों को इस आदत के लिए बढ़ावा देना चाहिए और उन्हें समाचार पत्र के विषय पर स्कूल या कॉलेज में होने वाली निबंध लेखन प्रतियोगिता या समूह परिचर्चा में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित भी करना चाहिए। हम यहाँ विद्यार्थियों के लिए कुछ सरल और आसान समाचार पत्र या अखबार पर निबंध उपलब्ध करा रहे हैं। वे इनमें से कोई भी समाचार पत्र पर निबंध अपनी आवश्यकता के अनुसार चुन सकते हैं:

समाचार पत्र पर निबंध (न्यूज़पेपर एस्से)

You can find here variety of essay on newspaper in Hindi language in different words limit like 100, 150, 250, 300, 350, and 450 words.

समाचार पत्र पर निबंध 1 (100 शब्द)

आजकल, बिना समाजार पत्र के जीवन की कल्पना करना कठिन है। यह वो पहली और आवश्यक वस्तु है, जिसे सभी हर सुबह सबसे पहले देखते हैं। यह पूरे विश्व में हो रही घटनाओं के बारे में जानकारी देकर वर्तमान समय से जुड़े रखने में हमारी मदद करता है। यह हमें इस बात की जानकारी देता है कि समाज, देश और विश्व में क्या चल रहा है। अखबार विश्व के हरेक कोने से प्रत्येक सूचना और खबर व सभी के प्रमुख विचारों को लाता है। समाचार पत्र व्यापारियों, राजनितिज्ञों, सामाजिक मुद्दों, बेरोजगारों, खेल, अन्तर्राष्ट्रीय समाचार, विज्ञान, शिक्षा, दवाईयों, अभिनेताओं, मेलों, त्योहारों, तकनीकियों आदि की जानकारी देता है। यह हमारे ज्ञान कौशल और तकनीकी जागरुकता को बढ़ाने में मदद करता है।

समाचार पत्र पर निबंध 2 (150 शब्द)

वर्तमान समय में, समाचार पत्र की क्रान्ति पूरे विश्व में फैल गई हैं। आजकल, सभी अपने ज्ञान के बारे में अधिक जागरुक हो गए हैं। नियमित रुप से अखबार पढ़ना बहुत अच्छी आदत है। हम सभी को भी अपने जीवन में अखबार पढ़ने की आदत डालनी चाहिए। यह हमें आधुनिक तरीकों और परम्पराओं के बारे में जानकारी देता है। यह हमें स्कूलों, कॉलेजों, न्यायालयों, नीतियों, कार्यालयों, होटलों, रेस्तराओं और बाजारों आने वाली अन्य नई चीजों के बारे में जानकारी देता है।

समाचार पत्र सबसे महत्वपूर्ण वस्तु है, जो सभी धर्म, जाति या जनजाति के द्वारा प्रयोग किया जाता है। यह हमारे स्कूल प्रोजैक्ट्स (परियोजनाओं) और ग्रह कार्यों को करने में मदद करता है। यह हमें शोधों, नई तकनीकियों, बाजार के ऊतार-चढ़ाव, और अन्य चीजों के बारे में जानकारी देता है। ब्रांड और भुगतान के अनुसार, समचार पत्र और पत्रिकाएं बहुत प्रकार के होते हैं। जिनमें देश विदेश की सभी तरह की सूचनाओं का संग्रह होता है।

समाचार पत्र पर निबंध 3 (250 शब्द)

आजकल, समाचार पत्र जीवन की एक आवश्यकता बन गया है। यह बाजार में लगभग सभी भाषाओं में उपलब्ध होता है। एक समाचार पत्र खबरों का प्रकाशन होता है, जो कागजों पर छापा जाता है और लोगों के घरों में वितरित किया जाता है। अलग-अलग देश अपना अलग समाचार संगठन रखते हैं। अखबार हमें अपने देश में हो रही सभी घटनाओं के साथ ही संसार में हो रही घटनाओं से भी अवगत कराते हैं। यह हमें खेल, नीतियों, धर्म, समाज, अर्थव्यवस्था, फिल्म उद्योग, फिल्म (चलचित्र), भोजन, रोजगार आदि के बारे में बिल्कुल सटीक जानकारी देता है।

पहले समय में, समाचार पत्रों में केवल खबरों का विवरण प्रकाशित होता था हालांकि, अब इसमें बहुत से विषयों के बारे में खबरें और विशेषज्ञों के विचार यहाँ तक कि, लगभग सभी विषयों की जानकारी भी निहित होती है। बहुत से समाचार पत्रों की कीमत बाजार में उनकी खबरों के विवरण और उस क्षेत्र में प्रसिद्धी के कारण अलग-अलग होती है। समाचार पत्र या अखबार में दैनिक जीवन की सभी वर्तमान घटनाएं नियमित रुप से छपती है हालांकि, उनमें से कुछ हफ्तें या सप्ताह में दो बार, एक बार या महीनें में एक बार भी प्रकाशित होती है।

समाचार पत्र लोगों की आवश्यकता और जरुरत के अनुसार लोगों के एक से अधिक उद्देश्यों की पूर्ति करता है। समाचार पत्र बहुत ही प्रभावी और शक्तिशाली होते हैं और संसार की सभी खबरों व सूचनाओं को एक साथ एक स्थान पर देते हैं। सूचनाओं की तुलना में इसकी कीमत बहुत कम होती है। यह हमें हमारे चारो ओर हो रही सभी घटनाओं के बारे में सूचित करता रहता है।


 

समाचार पत्र पर निबंध 4 (300 शब्द)

इन दिनों समाचार पत्र बहुत ही महत्वपूर्ण वस्तु है। यह सभी के लिए अपने दिन की शुरुआत करने के लिए पहली और महत्वपूर्ण वस्तु है। अपने दिन की शुरुआत ताजी खबरों और सूचनाओं के साथ करना बहुत ही बेहतर होता है। यह हमें आत्मविश्वासी बनाता है और हमारे व्यक्तित्व को सुधारने में हमारी मदद करता है। सुबह को सबसे पहले यह सभी को ढेर सारी सूचनाओं और खबरों से परिचित कराता है। देश का नागरिक होने के नाते, हम अपने देश व दूसरे देशों में होने वाली सभी घटनाओं और विवादों के बारे में जानने के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार हैं। यह हमें राजनीति, खेल, व्यापार, उद्योग आदि के बारे में सूचित करता है। यह हमें बॉलीवुड और व्यावसायिक हस्तियों के व्यक्तिगत जीवन के बारे में भी जानकारी देता है।

समाचार पत्र हमें संस्कृति, परम्पराओं, कलाओं, पारम्परिक नृत्य आदि के बारे में जानकारी देता है। ऐसे आधुनिक समय में जब सभी व्यक्तियों को अपने पेशे या नौकरी से अलग कुछ भी जानने का समय नहीं है, ऐसी स्थिति में यह हमें मेलों, उत्सवों, त्योहारों, सांस्कृतिक त्योहारों आदि का दिन व तारीख बताता है। यह समाज, शिक्षा, भविष्य, प्रोत्साहन संदेश और विषयों के बारे में खबरों के साथ ही रुचिपूर्ण वस्तुओं के बारे में बताता है, इसलिए यह हमें कभी भी नहीं ऊबाता है। यह हमें हमेशा संसार में सभी वस्तुओं के बारे में अपने रुचिपूर्ण विषयों के माध्यम से प्रोत्साहित करता है।

वर्तमान समय में, जब सभी लोग अपने जीवन में इतने व्यस्त है, ऐसे में उनके लिए बाहरी संसार के बारे में सूचनाओं या खबरों की जानकारी होना बहुत ही मुश्किल से संभव है, इसलिए समाचार पत्र इस तरह की कमजोरी को हटाने का सबसे अच्छा विकल्प है। यह हमें केवल 15 मिनट या आधे घंटे में विस्तृत जानकारी देता है। यह सभी क्षेत्रों से संबंधित व्यक्तियों के लिए बहुत ही लाभदायक है क्योंकि यह सभी के अनुसार जानकारियों को रखता है; जैसे- विद्यार्थियों, व्यापारियों, राजनेताओं, खिलाड़ियों, शिक्षकों, उद्यमियों आदि।

समाचार पत्र पर निबंध 5 (350 शब्द)

समाचार पत्र हमारे पास प्रतिदिन सुबह को आता है और मैं समाचार पत्र के साथ अपनी बॉलकनी में एक कप गर्म चाय के साथ बेहतर महसूस करता हूँ। समाचार पत्र दिन प्रति दिन अपने बढ़ते हुए महत्व के कारण सभी क्षेत्रों में बहुत ही प्रसिद्धी प्राप्त कर रहा है, चाहे वो क्षेत्र पिछड़ा हुआ हो या उन्नत। समाज में लोग अपने ज्ञान स्तर और सामयिक घटनाओं, विशेषरुप से राजनीति और बॉलीवुड के बारे में जानने के लिए अधिक सचेत हो गए है। विद्यार्थियों के लिए समाचार पत्र पढ़ना बहुत ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह सभी के बारे में सामान्य जानकारी देता है। यह उनकी किसी भी सरकारी या गैर-सरकारी नौकरी के लिए तकनीकी या प्रतियोगी परीक्षा को पास करने में मदद करता है।

समाचार पत्र पढ़ना बहुत ही रुचि का कार्य है। यदि कोई इसे नियमित रुप से पढ़ने का शौकीन हो गया तो वह कभी भी समाचार पत्र पढ़ना नहीं छोड़ सकता/सकती। यह विद्यार्थियों के लिए बहुत अच्छा है क्योंकि यह हमें सही ढ़ंग से अंग्रेजी बोलना सिखाता है। अखबार अब देश के पिछड़े हुए क्षेत्रों में भी बहुत प्रसिद्ध हो गए हैं। किसी भी भाषा को बोलने वाला व्यक्ति समाचार पत्र पढ़ सकता है क्योंकि यह विभिन्न भाषाओं; जैसे- हिन्दी, अंग्रेजी, उर्दू आदि में क्षेत्रों के अनुसार उपलब्ध है। समाचार पत्र हम सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह हमारे लिए दुनिया भर के कोनों से सैंकड़ों खबरें लाता है।

समाचार हमारे लिए सबसे पहली रुचि और आकर्षण है। बिना समाचार पत्र और खबरों के, हम बिना पानी की मछली से अधिक और कुछ नहीं हैं। भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहाँ जनता का अपने देश पर शासन होता है, इसलिए उनके लिए राजनीति की सभी गतिविधियों को जानना बहुत आवश्यक है। आधुनिक तकनीकी संसार में, जहाँ सबकुछ उच्च तकनीकियों पर निर्भर करता है, समाचार और खबरें कम्प्यूटर और इंटरनेट पर भी उपलब्ध हैं। इंटरनेट का प्रयोग करके, हम संसार की सभी सूचनाओं को प्राप्त कर सकते हैं। किसी भी सामाजिक मुद्दे के बारे में सामान्य जनता में जागरुकता बढ़ाने के लिए समाचार पत्र सबसे अच्छा तरीका है। यह देश की जनता और सरकार के बीच संवाद करने का सबसे अच्छा तरीका है।


 

समाचार पत्र पर निबंध 6 (450 शब्द)

समाचार पत्र बहुत ही शक्तिशाली यंत्र है जो व्यक्ति के आत्मविश्वास और व्यक्तित्व को विकसित करता है। यह लोगों और संसार के बीच वार्ता का सबसे अच्छा साधन है। यह ज्ञान का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। यह अधिक ज्ञान और सूचना प्राप्त करने के साथ ही कुशलता के स्तर को बढ़ाने का सबसे अच्छा स्रोत है। यह सभी क्षेत्रों में बहुत ही कम कीमत पर उपलब्ध है। हम समाचार पत्रों तक आसानी से पहुँच सकते हैं। इसके लिए हमें केवल किसी भी समाचार पत्र के संगठन में सम्पर्क करके इसके लिए केवल भुगतान करने की जरुरत होती है। यह देश की विभिन्न भाषाओं में प्रकाशित होता है। हरेक सुबह सभी पूरे साहस के साथ समाचार पत्र का इंतजार करते हैं।

समाचार पत्र समाज के लोगों को सकारात्मक रुप से प्रभावित करता है। सभी लोग देश की सामयिक घटनाओं को जानने में रुचि रखने लगे हैं। समाचार पत्र सरकार और लोगों के बीच जुड़ाव का सबसे अच्छा तरीका है। यह लोगों को पूरे संसार की सभी बड़ी व छोटी खबरों का विवरण प्रदान करता है। यह देश के लोगों को नियमों, कानूनों और अधिकारों के बारे में जागरुक बनाता है। समाचार पत्र विद्यार्थियों के लिए बहुत अधिक महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि ये विशेषरुप से राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का सामान्य ज्ञान और सामयिक घटनाओं के बारे में बताता है। यह हमें सभी खुशियों, विकासों, नई तकनीकियों, शोधों, खगोलीय और मौसम में बदलावों, प्राकृतिक वातावरण आदि की सूचना देता है।

समाचार पत्र में सामाजिक मुद्दों, मानवता, संस्कृति, परम्परा, जीवन-शैली, ध्यान, योगा आदि के बारे में बहुत अच्छे लेख भी होते हैं। यह सामान्य जनता के विचारों के बारे में भी सूचना रखता है और बहुत से सामाजिक और आर्थिक विषयों को सुलझाने में मदद करता है। इसके प्रयोग से राजनेताओं, निश्चित सरकारी नीतियों जिसमें दूसरे दलों की भी नीतियाँ शामिल होती है आदि के बारे में जाना जाता है। यह नौकरी ढूँढ़ने वालो की, बच्चों को अच्छे स्कूल में प्रवेश दिलाने, व्यापारियों को वर्तमान व्यापारिक गतिविधियों का जानने, बाजार के वर्तमान प्रचलन, नई रणनीतियों आदि में मदद करता है।

यदि हम प्रतिदिन नियमित रुप से समाचार पत्र पढ़ने की आदत बनाते है, तो यह हमारी बहुत मदद करता है। यह हम में पढ़ने की आदत विकसित करता है, हमारे प्रभाव में सुधार करता है और हमें बाहर के बारे में सभी जानकारी देता है। कुछ लोगों में समाचार पत्र को प्रत्येक सुबह पढ़ने की आदत होती है। वे समाचार पत्र की अनुपस्थिति में बहुत अधिक बेचैन हो जाते हैं और पूरे दिन कुछ अकेलापन महसूस करते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थी भी अपने मस्तिष्क को वर्तमान सामयिक घटनाओं से जोडे रखने के लिए नियमित रुप से अखबार पढ़ते हैं। समाचार पत्र आकर्षक मुख्य शीर्षक लाइन के अन्तर्गत सभी की पसंद के अनुसार बहुत अधिक खबरों को प्रकाशित करते हैं इसलिए इससे कोई भी परेशान नहीं होता। हमें विभिन्न अखबारों को पढ़ना जारी रखना चाहिए और परिवार के अन्य सदस्यों और मित्रों को भी समाचार पत्र पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।


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समाचार-पत्र या अखबार

समाचार-पत्र का हमारे दैनिक जीवन में अत्यन्त महत्व है। विश्व का शायद ही ऐसा कोई प्रदेश हो, जहाँ के लोग समाचार पत्र का उपयोग न करते हों। सुबह होते ही लोगों को समाचार पत्र की सुध हो जाती है। इससे लोगों को विश्व की तमाम महत्वपूर्ण जानकारियां कुछ ही क्षणों में प्राप्त हो जाती है।

समाचार-पत्र का इतिहास अत्यन्त प्राचीन है। प्रथम ज्ञात समाचार पत्र 59 ई0 पू0 का ’’द रोमन एक्टा डिउरना’’ है। भारत में समाचार-पत्र की शुरूआत श्बंगाल गजटश् नामक पत्रिका के साथ हुई। हिन्दी में प्रथम दैनिक समाचार-पत्र ‘‘उदंत मार्तण्ड’’ का प्रकाशन 30 मई 1826 ई0 को हुआ। समाचार पत्र का वर्गीकरण तीन रूपों में किया जा सकता है। प्रथम, दैनिक समाचार-पत्र हैं, जो प्रतिदिन प्रकाशित होते हैं और प्रतिदिन होने वाली घटनाओं को प्रस्तुत करते हैं। द्वितीय, साप्ताहिक समाचार-पत्र हैं, जो पूरे सप्ताह में एक बार ही प्रकाशित होते हैं। ऐसे समाचार-पत्रों में पूरे सप्ताह भर के खबरों को संकलित कर प्रस्तुत किया जाता है। तृतीय, मासिक समाचार-पत्र हैं, जिससे हमें पूरे महीने होने वाली घटनाओं का पुनराभास हो जाता है। आज विश्व भर में हजारों दैनिक, साप्ताहिक और मासिक समाचार-पत्र उपलब्ध हैं, जो अनेक भाषाओं में छापे जाते हैं। भारत के प्रमुख समाचार पत्रों में अमर उजाला, दैनिक भास्कर, हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, आदि ;हिन्दीद्ध तथा द टाइम्स आॅफ इंडिया, द हिन्दु, द इंडियन एक्सप्रेस, डेक्कन हेराल्ड, आदि ;अंगे्रजीद्ध हैं।

समाचार-पत्र को समाज का दर्पण कहा जाता है, क्योंकि यह उन समस्त घटनाओं को जो प्रतिदिन घटती हैं यथासंभव वैसे ही हमारे सन्मुख प्रस्तुत करता है। इनमें देश-विदेश की घटनाओं, रोजगार, प्रचार, मनोरंजन, उदघोषणाओं आदि की लिखित जानकारियाॅं होती हैं। कुछ ही पलों में हम इनके अध्ययन से अपने आस-पास की खबरों के साथ-साथ, देश-विदेश के अनेक प्रांतों में क्या हो रहा है घर बैठे जान जाते हैं। हम इसके माध्यम से अपने संदेश, उदघोषणाएॅं, शिकायत आदि प्रचारित कर सरकार सहित आम जनता को सूचित कर सकते हैं। संपादकों तथा पत्रकारों के माध्यम से समाज में होने वाले आपराधिक कृत्यों, अपराधों आदि को रोकने में तथा जन-जागरण में मदद मिलती है। यह नौजवानों को नई दिशा तो प्रदान करता ही है, लेकिन साथ ही बच्चों की अभिरूचि पढ़ाई में लाता है। अनेक समाचार-पत्रों में बच्चों के लिए विशेष काॅलम होते हैं।

समाचार-पत्र का मूल्य पुस्तकों की तुलना में अत्यन्त कम होता है। अतः समाचार के हर तबके के लोगों तक इसकी पहुॅंच है। इनके नियमित अध्ययन से हमें पुस्तकों से कहीं अधिक रोचक और ज्ञानवर्द्धक जानकारियाॅं प्राप्त हो जाती हैं। हालाॅंकि समाचार-पत्रों में अनेक गैर-जरूरी सूचनाएॅं छाप दी जाती हैं, जिससे लोग दिग्भ्रमित हो जाते हैं। अतः ऐसे खबरों तथा सूचनाओं के प्रकाशन से पूर्व संपादक को इनके दुष्प्रभावों का आॅंकलन कर लेना चाहिए। समाचार-पत्र केवल व्यवसाय का साधन नहीं है, यह तो समाज को उसकी वास्तिविक छवि दिखाता है। आज के पत्रकार तथा संपादक व्यावसायिकता के जमाने में खबरों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत करने लगे हैं। अतः इनके प्रकाशक को खबरों की विश्वसनियता और महत्वत्ता का आॅंकलन जरूर करना चाहिए, तभी यह समाज के लिए वरदान साबित होगी।
शब्द संख्या: 346

March 31, 2016evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), Languages1 CommentHindi Essay

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